Tulsi Ark for Immunity Booster

जैसा की आप जानते हैं कि तुलसी का पौधा एक आयुर्वेदिक औषधी के रूप में उपयोग किया जाता है। इसमें ऐसे पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ मौजूद रहते हैं जो आपके शरीर को हानिकारक फ्री रेडिकल्‍स के प्रभाव से बचा सकते हैं। तुलसी को श्वसन संबंधी विकारों का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है। अस्‍थमा उन में से एक है। इसके अलावा यह ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के संक्रमण को भी रोक सकते हैं जो कमजोर प्रतिरक्षा के कारण हो सकते हैं। पारंपरिक उपचार के रूप में तुलसी के पत्‍तों और अर्क का उपयोग बुखार, सर्दी खांसी आदि के इलाज में भी उपयोग किया जाता है। इसमें मौजूद फ्लैवोनोइड्स और एंटीऑक्‍सीडेंट की अच्‍छी मात्रा हमारे शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने में मदद करते हैं। यदि आप बार-बार सामान्‍य सर्दी या खांसी से ग्रसित होते हैं तो इसके उपचार के लिए तुलसी अर्क का उपयोग कर सकते हैं। यह आपकी प्रतिरक्षा शक्ति को भी बढ़ाने में मदद कर सकता है।

Tulsi Ark for Anti-Aging

कुछ अध्‍ययन बताते हैं कि तुलसी का रस रक्‍त ग्‍लूकोज और रक्‍त कोलेस्‍ट्रॉल को कम कर सकते हैं। ये दोनो ही कारक वजन बढ़ने का कारण होते हैं। तुलसी का रस कोर्टिसोल, तनाव हार्मोन भी वजन बढ़ाने मे योगदान देता है। जबकि तुलसी के अर्क में इन सभी समस्‍याओं को दूर करने की क्षमता होती है। इस तरह से आप अपने बढ़ते वजन को नियंत्रित करने के लिए तुलसी के रस का उपयोग कर सकते हैं। एक अध्‍ययन से पता चलता है कि तुलसी पत्‍ती से निकाले गए रस के 250 मिलीग्राम कैप्‍सूल का सेवन करने से मोटापे के रोगियों में लिपिड प्रोफाइल और अतिरिक्‍त वजन में सुधार पाया गया। आप भी अपने वजन को कम करने के लिए तुलसी अर्क या इससे बने कैप्‍सूल का उपयोग कर सकते हैं।

Tulsi Ark for Anti-Bacterial

अपने एंटीबायोटिक गुणों के कारण तुलसी का रस संक्रमण से त्‍वचा की रक्षा करता है। इसकी पत्तियों में मौजूद पोषक तत्‍व एंथ्रेसीस और ई कोलाई जैसे जीवाणुओं के विकास को प्रतिबंधित करते हैं जो त्‍वचा संक्रमण का कारण बनते हैं। त्‍वचा संक्रमण का इलाज करने के लिए तिल के तेल और तुलसी के अर्क की बराबर मात्रा को मिलाकर त्वचा संक्रमण में लगाना चाहिए। यह खुजली और अन्‍य प्रकार के संक्रमण से रक्षा करता है। इसके अलावा आप तुलसी के पत्तों को पीसकर इसमें बराबर मात्रा में नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को दाद पर लगाएं। यह दाद का इलाज करने में मदद कर सकता है।

Tulsi Ark for Swelling

प्रमुख शारीरिक समस्‍याओं में से एक सूजन है जो अधिकांश बीमारीयों में होती है। इसके अलावा सूजन कई बीमारीयों का कारण भी होती है। लेकिन आप सूजन चाहे वह गठिया की हो या हृदय की इन सभी का उपचार करने के लिए तुलसी अर्क का उपयोग कर सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि तुलसी के रस में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। इस स्‍वादिष्‍ट जड़ी बूटी के अर्क में बीटा-कैरीओफिलीन (beta-caryophyllene) की उच्‍च मात्रा होती है जिसका उपयोग गठिया जैसी सूजन संबंधी बीमारियों के इलाज में किया जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि तुलसी से निकाले गए रस त्‍वचा की सूजन और लाली का भी प्रभावी इलाज कर सकती है।

Tulsi Ark for Diabetes and Blood Sugar Imbalance

मधुमेह के प्रभाव को कम करने की क्षमता तुलसी अर्क में होती है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि इस रस में ऐसे पोषक तत्‍व मौजूद रहते हैं जो ग्‍लूकोज के स्‍तर को नियंत्रित करते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन और खनिज पदार्थ शरीर में इंसुलिन स्राव को बढ़ाने में मदद करते हैं। एक अध्‍ययन से पता चलता है कि तुलसी अर्क मधुमेह टाइप 2 वाले मरीजों में रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम कर सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि तुलसी में फाइटोकेमिकल यौगिक जैसे सैपोनिन्स, ट्राइटरपेन्‍स और फ्लैवोनोइड्स होते हैं जो इसके हाइपोग्‍लाइमिक प्रभाव के लिए जिम्‍मेदार होते हैं। मधुमेह रोगी तुलसी अर्क का उपभोग कर लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं।